-
Continue reading →: Lata Mangeshkar (1929-2022)Lata Mangeshkar Trilogy ….. 1. लता मंगेशकर: मैं अगर बिछड़ भी जाऊं, कभी मेरा ग़म न करना… http://thewirehindi.com/204032/remembering-the-nightingale-of-india-lata-mangeshkar/ 2. लता मंगेशकर : सामाजिक-सांस्कृतिक आकांक्षाओं को ध्वनि देती आवाज़ https://hindi.feminisminindia.com/2022/02/11/lata-mangeshkar-obituary-and-her-singing-career-in-hindi/ 3. लता मंगेशकर: वक़्त से परे अगर मिल गए कहीं… http://thewirehindi.com/205119/lata-mangeshkar-the-voice-of-indian-cinema/
-
Continue reading →: मेरे हमनफ़स मेरे हमनवा, मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे!I शकील बदायूँनी की लिखी इस खूबसूरत नज़्म को जब बेग़म अख़्तर की आवाज़ में हम सुनते हैं तो न केवल गाने वाले की दर्द भरी आवाज़ हमें पिघला देती है, बल्कि नज़्म को लिखने वाले शायर की शख्सियत और उसकी शायरी की गहराई से भी वाबस्ता होते जाते हैं।…
-
Continue reading →: है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है?अचानक ही आ गए थे। कभी सोचा हो या चाहा हो, ऐसा तो बिल्कुल नहीं । बहन के घर पर देखा करती थी, तो बस एक दर्शक की तरह। न कोई जुड़ाव न कोई लगाव। नहीं समझ पाती थी, कि क्यों उनका पूरा परिवार इनके पीछे दीवाना था। अक्सर घर…
-
Continue reading →: On Sir (2018)
My review in, SatyaHindi, – https://www.satyahindi.com/cinema/sir-film-review-115298.html






