ढूंढ लेना…..

मिल जाना मुझे हर बार यूं ही अनगिनत जन्मों के चक्र में जीवन मृत्यु के सीमांतों से निकल व्यक्तियों की भीड़ में यूं ही टकरा जाना फिर से एक बार हर बार।   इसी एक आश्वासन पर तुमसे विदा लेती रही हूँ कि चाहे कुछ भी हो जाए दुनिया कितनी भी विस्तृत क्यूँ न हो … Continue reading ढूंढ लेना…..